 |
| शपथ लेते जनता सेना के 6 पार्षद |
कानोड़। उदयपुर जिले में नगर निगम उदयपुर, नगर पालिका कानोड के चुनाव हुए हैं जिसमें उदयपुर नगर निगम में भाजपा तो, कानोड़ में भाजपा कांग्रेस को 7-7 सीटें तो वही जनता सेना को 6 सीटें मिली है 20 वार्डों वाली नगरपालिका में अभी किसी भी पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा कांग्रेस मिलकर बनाएगी बोर्ड या जनता सेना देगी किसी का साथ !
 |
| जीत का जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता |
हालांकि इस चुनाव में कई दिग्गज चुनाव हारे तो कई दिग्गज चुनाव जीते, वार्ड नंबर 19 से नेता प्रतिपक्ष रहे दिलीप सिंह सोलंकी जनता सेना के भवानी सिह चौहान से 102 वोटों से हार गए। इसके साथ ही वार्ड नंबर 11 की बात करें जहां पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष का वार्ड कहा जाता है वहां पर भाजपा प्रत्याशी शालु जैन, जनता सेना की राजकुमारी कामरिया से हार गई, इसी के साथ वार्ड नंबर 11 में कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व पालिका उपाध्यक्ष सुशीला टेलर तीसरे पायदान पर रही, वार्ड नंबर 8 से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता सुनील चौबीसा चुनाव हारे ही नहीं बल्कि तीसरे नंबर पर रहे। वार्ड नंबर 9 से नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का वार्ड होते हुए भी कांग्रेस पार्टी हार गई यहां पर भाजपा ने कब्जा जमाया। वार्ड नंबर 16 में भाजपा के प्रत्याशी रहे पूर्व जिला मंत्री भाजपा गिरधारी लाल सोनी जनता सेना के प्रकाश लक्ष्कार से बड़े अंतर से हार गए।
 |
| कांग्रेस की 7 सीटें आने के बाद खुश नजर आए भिंडर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सूरजमल मेनारिया |
जैसे जैसे परिणाम आए वैसे वैसे दिग्गजों के चेहरे मुरझा गए तो वही अब नगरपालिका कानोड़ में सरकार बनाना मुश्किल हो गया है अभी तक तो देश में महाराष्ट्र राज्य में बीजेपी के लिए सरकार बनाना मुश्किल हो रहा था लेकिन अब कानोड़ में भाजपा और कांग्रेस के लिए पेच फस गया है। अब देखना यह होगा कि ऊंट किस और करवट लेता है पूर्व विधायक व जनता सेना के सुप्रीमो रणधीर सिंह भिंडर के नेतृत्व में जनता सेना ने 6 सीटों पर कब्जा किया है तो वही कांग्रेस 7 व भाजपा के खाते में 7 सीटें आई है कानोड़ नगर में परिणाम की खबर आते ही जनता सेना, भाजपा, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी एवं मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया वही इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व विधायक व जनता सेना के सुप्रीमो रणधीर सिंह भिंडर का तिलिस्म तोड़ने के लिए पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, चित्तौड़ सांसद सीपी जोशी, कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर, सलूंबर विधायक अमृत लाल मीणा, बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओसवाल, धरियावद विधायक गौतम लाल मीणा, राजसमंद पूर्व विधायक बंशीलाल खटीक, वल्लभनगर से विधायक का चुनाव हार चुके उदय लाल डांगी, जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, उप जिला प्रमुख सुंदरलाल भाणावत, डेरी चेयरमैन गीता पटेल, देहात जिला अध्यक्ष भंवर सिंह पवार, समेत जिले के कई पदाधिकारी ने भाजपा के लिए पूरा जोर लगा रखा था लेकिन परिणाम भाजपा के लिए अच्छे नहीं रहे। वही बात सत्ता में काबिज कांग्रेस की करें तो यहां पर वर्तमान विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत व पूर्व विधायक मावली पुष्कर डांगी समेत कांग्रेस के जिला पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाल रखा था लेकिन कांग्रेस को भी महज 7 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। गौरतलब है कि 2014 में हुए चुनाव में भाजपा को 8, कांग्रेस को दो व जनता सेना को 5 सीटें मिली थी, 2019 में आए परिणामों से भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है तो वहीं जनता सेना को एक सीट बढ़त मिली है सत्ता में काबिज कांग्रेस को 5 सीटों का फायदा हुआ है हालांकि यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कानोड़ में एक बार फिर से कमल कांग्रेस बोर्ड बनाएगी।
 |
| भाजपा के साथ पार्षदों को शपथ दिलवाने पहुंचे विधानसभा प्रभारी उदय लाल डांगी |
 |
| सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस |
 |
| अपनी पत्नी को शपथ दिलवाने ले जाते पूर्व पार्षद कोमल कामरिया जनता सेना |