अरनोद । अरावली पर्वत माला की पहाड़ियों पर 500 मीटर नीचे स्थित है ऋषि महादेव, करीब 300 साल से भी पुरानी है यहाँ की गुफा
अरनोद । जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर की दूरी पर अरनोद उपखण्ड की ग्राम पंचायत आम्बीरामा में स्थित दक्षिण राजस्थान के अंतिम छोर पर मध्यप्रदेश राज्य की सीमा के निकट अरावली पर्वत माला श्रृंखलाओ के बीच मे मौजूद है, ऋषि महादेव का मंदिर। जमीन से 500 मीटर नीचे मौजूद यह मंदिर पुरी तरह प्राकृतिक रुप से बना हुआ है, भारत देश की भूमध्य रेखा इसी मंदिर के ठीक ऊपर होकर गुजर रही है।
ग्रामीणों को इस मंदिर के 300 साल तक पुराने होने की ही जानकारी है, इस मंदिर की गुफा में भगवान शिव की बारह ज्योतिलिंगो की प्रतिमा मातारानी के साथ विराजित है। इस गुफा की लम्बाई 200 फीट जमीन के अन्दर है, मन्दिर परिसर में यज्ञशाला, हनुमान मन्दिर, माँ पार्वती मन्दिर भी है। ग्रामीणों ने बताया कि 300 साल पहले पास गांव के गांगो बा मीणा करके एक बुजुर्ग थे, उन्होंने ही इस मंदिर की खोज की।
खोज करने के बाद गांगो बा खुद यहा शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने लगे, गांगो बा अपने घर 15 से 20 दिनों में एक बार ही जाते थे, और घर से अपने साथ घी लाते थे। ग्रामीणों ने बताया कि गांगो बा मन्दिर की गुफा में शेर के साथ रहते थे, और भगवान शिव ने गांगो बा को दर्शन भी दिए थे, गांगो बा के परिवार की पांचवी पीढ़ी के हीरा महाराज (पुजारी) यहा आज भी पूजा- अर्चना कर रहे है। पुजारी ने बताया कि गांगो बा ने भविष्यवाणी की थी कि एक दिन पानी बिकेगा, लोग हवा से बात करेंगे, लोग हवा में उड़ेंगे, जो भी बाते उस समय गांगो बा ने बताई थी वह आज सत्य साबित हो रही है।
ऋषि महादेव मन्दिर पर सावन माह में हजारो की संख्या में श्रद्धालु आते है, यहा शिवरात्रि पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिले का सबसे पुराना और प्राकृतिक मन्दिर का विकास नही होने से उक्त मन्दिर को प्रसिद्धि नही मिल सकी, आज इस मंदिर पर जाने के लिए रास्ता भी पूरी तरह जर्जर हालात में है।


