धरियावद । आचार्य विमद सागर के सानिध्य में 16 दिवसीय भक्तामर सम्यक ज्ञान शिक्षण शिविर का आयोजन
धरियावद के मुंगाना आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर सन्मति सभा भवन में आचार्य विमद सागर के सानिध्य में 16 दिवसीय भक्तामर सम्यक ज्ञान शिक्षण शिविर का आज प्रथम दिन में भक्तामर के तीन काव्य के साथ बड़ी धूमधाम से शिविर का आयोजन हुआ। इसमें करीब 32 महिलाओं, पुरुषों व बालिकाओं ने भाग लिया।
देव शास्त्र गुरु के बारे में आचार्य श्री ने प्रवचन में बताया, आचार्य भरत सागर ने अपने गुरु विमल सागर की परछाई पर कभी पांव नहीं रखा, इस तरह से गुरु शिष्य का नाता रखा जाता है। धोती और दुपट्टे पर प्रवचन में गुरुदेव ने कहा, जिसको धोती दुपट्टा पहना नहीं आता उसका दुर्भाग्य है। सभी को धोती दुपट्टा पहनकर सुबह मंदिर जाकर अभिषेक करना चाहिए, धर्म करने में कोई शर्म नहीं रखनी चाहिए।
आचार्य श्री ने प्रवचन में कहा दान देने पर लोग हसेंगे, आप दान नही करते तो भी लोग हसेंगे। इस लिए आप अपने मन से दान करीए, किसी के कहने और हंसने पर मत जाइए, जो करना है वह अपने मन से करीए। इस दौरान भक्तो ने धार्मिक कार्यक्रम का लाभ लिया।
