भीण्डर । वरणी के ग्रामीण कीचड़ से परेशान, निजात नहीं तो पंचायत चुनाव में होगा मतदान का बहिष्कार
पंचायत मुख्यालय होते हुए अपेक्षा का शिकार, ग्रामीणों का आरोप पांच वर्ष में नहीं देखी सरपंच
भीण्डर । भीण्डर पंचायत समिति के वरणी गांव में पिछले पांच वर्ष से कीचड़ की परेशानी से ग्राम पंचायत निजात नहीं दिला सकी। ग्रामीणों ने कीचड़ से परेशान होकर पंचायत से मांग की हैं कि, अगर दिसम्बर माह तक कीचड़ से निजात नहीं दिला सकें तो जनवरी माह में होने वाले पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि वरणी सरपंच इन्दुबाला चौबीसा को पिछले पांच वर्ष में एक-दो दफा के अलावा कभी नहीं देखा, जबकि पंचायत में जाते हैं तो वहां सरपंच के अंकल भेरूलाल चौबीसा मिलते है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के प्रमुख चौराहा लक्ष्मीनारायाण मन्दिर पर पिछले कई वर्षों से कीचड़ फैला हुआ, लेकिन आज दिन तक किसी भी सरपंच और जनप्रतिनिधि ने समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
इसके अलावा गांव में विद्यालय जाने वाला मार्ग, श्मशान जाने वाला मार्ग, कलवल मार्ग, हींता मार्ग सहित गांव की गलियों में भारी कीचड़ फैला हुआ है। इसको लेकर ग्रामीण पिछले काफी समय से मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज दिन तक कोई भी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। जबकि वरणी पंचायत ओडिएफ घोषित होने के बावजुद भी कीचड़ जैसी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
सरपंच भतीजी, काका सम्भालते हैं जिम्मेदारी!
वरणी ग्राम पंचायत की सरपंच इन्दुबाला चौबीसा है। लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच वर्ष में समय-समय पर ही इन्दुबाला को यहां देखा गया। जबकि पंचायत में हर समय उसके काका भेरूलाल चौबीसा ही रहते है। ग्रामीण समस्या या काम लेकर जाते हैं तो सरपंच के बजाएं उसके अंकल ही मिलते है।
पंचायत समिति द्वारा जारी अधिकृत सूची से जब सरपंच को फोन किया गया तो उसके पिता बालुलाल चौबीसा ने उठाया। उन्होंने बताया कि बेटी घर पर है। इसके बाद जब बेटी को फोन लगाया तो उसने बताया वह किसी शादी समारोह में है। जबकि ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच के नंबर पर फोन उसके अंकल भेरूलाल चौबीसा बात करते है।
ग्रामीणों का कहना
वरणी गांव में पिछले काफी समय से कीचड़ फैला हुआ है। गांव के प्रवेश चौराहे पर ही कीचड़ होने से गांव की शोभा भी अच्छी नहीं लगती है। सरपंच पिछले पांच वर्ष से गांव को कीचड़ से निजात नहीं दिला सका। अगर कीचड़ से निजात नहीं दिला सकेंगे तो आने वाले पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। सरपंच को देंखे पांच वर्ष हो गए, पंचायत में समस्या लेकर जाते हैं तो वहां उसके अंकल मिलते है।-सुरेश मेनारिया, पूर्व उपसरंपच वरणी
गांव के श्मशान की तरफ जाने वाला मार्ग कीचड़ से अटा पड़ा है। इस मार्ग पर एक-एक फीट कीचड़ होने से अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर कई दफा पंचायत गये, लेकिन सरपंच नहीं मिलने से आज दिन तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।-नारायणलाल गुर्जर, युवा ग्रामीण
वरणी गांव के स्कूल जाने वाले मार्ग पर कीचड़ होने से बच्चों को जाने में परेशानी होती है। इस समस्या को सुनने वाला कोई जिम्मेदार भी नहीं है। सरपंच इन्दुबाला बहुत कम समय पंचायत में दिखी हैं अधिकतक समय उसके अंकल भेरूलाल ही पंचायत में जमे रहते है।-बंशीलाल गुर्जर, पूर्व सरपंच वरणी
गांव में बनी हुई नालियों की सफाई ही नहीं होने की वजह से सड़कों पर कीचड़ फैला हुआ है। गांव की सरपंच होते हुए गांव को अपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा अगर इस समस्या से निजात नहीं दिलाई तो आन्दोलन के साथ-साथ मतदान से बहिष्कार करना पड़ा तो भी करेंगे।-राधेश्याम चौबीसा, ग्रामीण वरणी
इनका कहना
मैं अभी शादी में आईं हूं। वरणी सरपंच का कामकाज मैं ही देखती हूं। गांव में कीचड़ की समस्या ग्रामीणों की वजह से ही है। हम वहां पर नाली निर्माण और सफाई करवाना चाहते हैं लेकिन ग्रामीण काम ही नहीं करने देते है। जबकि पंचायत के दूसरे गांव में हमने अच्छा काम करवाया है। पंचायत समिति की अधिकृत लिस्ट में जो नंबर हैं वह मेरे पिता के है।-इन्दूबाला चौबीसा, सरपंच ग्राम पंचायत वरणी
वरणी गांव में कीचड़ की समस्या को दिखवा करके उसका जल्द से जल्द समाधान करवाते है।-जितेन्द्र सिंह राजावत, विकास अधिकारी पंचायत समिति भीण्डर
रिपोर्ट - जयदीप चौबीसा

