लोक सभा के बाद राज्य सभा में एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक बिल हुआ पारित
मंगलवार को लोकसभा के बाद राज्य सभा में भी विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) अधिनियम संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया है। पुराने एसपीजी एक्ट,1988 में कुछ संशोधन कर नया विधेयक लाया गया है। नए एसपीजी एक्ट से प्रधानमंत्री की सुरक्षा को काफी मजबूती मिलेगी। गौरतलब है की 25 नवम्बर, 2019 को गृह मंत्री ने विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया था।
पूर्व एसपीजी एक्ट, 1988 के तहत
1. प्रधानमंत्री और उनके करीबी परिजनों को यह एसपीजी सुरक्षा मिलती है।
2. प्रधानमंत्री के पद त्यागने के दिन से अगले एक वर्ष तक सुरक्षा दी जाएगी।
3. पूर्व प्रधानमंत्री से एसपीजी सुरक्षा लेने पर उनके परिजनों से भी सुरक्षा हटाई जाएगी। बशर्ते पारिवारिक सदस्यों को उस स्तर का खतरा नहीं हो जिसके लिए एसपीजी सिक्यॉरिटी जरूरी हो।
नए एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक, 2019 के बदलाव
1. यह सुरक्षा केवल प्रधानमंत्री के साथ उनके आवास में रहने वाले उनके करीबी परिजनों को ही दी जाएगी।
2. प्रधानमंत्री को और उनके करीबी परिजनों को एसपीजी सुरक्षा प्रधानमंत्री के पद त्यागने के दिन से अगले पांच वर्ष तक दी जाएगी।
3. पूर्व प्रधानमंत्री से एसपीजी सुरक्षा लेने के साथ साथ उनके परिवार से भी यह अनिवार्य रूप से लेने का प्रावधान तय किया गया है।
