आखिर क्यों प्रदेशभर के 5000 से ज्यादा रेजीडेंट चिकित्स्क है हड़ताल पर ?
फीस वृद्धि बिल को वापस लेने और सुरक्षा मुहैया करने को लेकर प्रदेश के करीब 5000 रेसिडेंट चिकित्स्क हड़ताल पर है। रेसिडेंट चिकित्स्क और सरकार के बिच दो बार हुई वार्ता भी सफल नहीं रही। हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के उदयपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर सहित कई जगह इमरजेंसी केस को ही पहले देख रहे है, वही कई मरीजो के ऑपरेशन की तारीखे आगे कर दी गई है। रेजीडेंट चिकित्स्क अन्य राज्य की तरह आवासीय भत्ता, पीजी में की गई फीस वृद्धि का आर्डर वापस लेने और चिकित्सको की सुरक्षा को लेकर हड़ताल कर रहे है, और साथ ही रेसिडेंट चिकित्स्क मांग लिखित में पूरी करने पर अड़े है।
